न जाने कहाँ से उड़ कर आया था
थम गया था देख मुझे
थक गया था
न उड़ने की बातें कर रहा था
न उड़ने की बातें कर रहा था
शायद बयां कर रहा था
अपनी कहानी
अपनी कहानी
अब ठहरना चाहता था
परिभाषित होना चाहता था
परिभाषित होना चाहता था
उसकी आत्मकथा सुन रही थी
और बेंच पर बैठे सोच रही थी
और बेंच पर बैठे सोच रही थी
किसकी वर्णन करूँ
इस संकुचित पन्ने के टुकड़े में
इस संकुचित पन्ने के टुकड़े में
इस सिमित शब्द ज्ञान से
कैसी शेर शायरी लिखूँ
कैसी शेर शायरी लिखूँ
किसकी तस्वीर बनाऊँ
इन अनुभवहीन हाथों से
इन अनुभवहीन हाथों से
किसे सन्देश लिखुँ
इन व्यस्त लोगों में
इन व्यस्त लोगों में
जेम्स बांड की किस मिस्ट्री
को हल करूँ मैं
को हल करूँ मैं
काफी देर से निहार रही थी
उसकी कहानी सुने जा रही थी
उसकी कहानी सुने जा रही थी
क्या पता था वो मेरा नहीं
किसी कूड़ेदान में फेके जाने का
इंतज़ार कर रहा था
किसी कूड़ेदान में फेके जाने का
इंतज़ार कर रहा था

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